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ईरान का एआई प्रचार: अमेरिका के खिलाफ बढ़ता साइबर युद्ध

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ईरान ने हाल के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करते हुए अमेरिका के खिलाफ डिजिटल प्रचार अभियान तेज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलाए जा रहे ये संदेश, कथित तौर पर रूस और चीन से जुड़े नेटवर्क द्वारा भी बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर सूचना युद्ध और तीव्र होता दिख रहा है।


साइबर युद्ध में एआई का बढ़ता इस्तेमाल

ईरान अब AI-जनरेटेड वीडियो और कंटेंट का उपयोग कर डिजिटल प्रचार को नई दिशा दे रहा है। 27 मार्च को दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सैनिकों को मिसाइल लॉन्च के बीच मुस्कुराते और जश्न मनाते दिखाया गया। यह वीडियो युद्ध को एक हल्के और प्रतीकात्मक अंदाज में प्रस्तुत करता है।

इस तरह की सामग्री का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि दर्शकों की भावनाओं को प्रभावित करना भी होता है।


अमेरिकी नेतृत्व पर तंज

इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक प्रवक्ता ने एक अंग्रेज़ी वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें Donald Trump का मज़ाक उड़ाया गया। वीडियो में उनके प्रसिद्ध डायलॉग “You’re fired” का इस्तेमाल किया गया, जो उनके टीवी शो से जुड़ा है।

यह दिखाता है कि प्रचार संदेशों को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए पॉप कल्चर का भी उपयोग किया जा रहा है।


फर्जी सोशल मीडिया नेटवर्क का इस्तेमाल

क्लेम्सन यूनिवर्सिटी के मीडिया फॉरेंसिक्स शोधकर्ताओं के अनुसार, कई ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स सक्रिय हैं जो खुद को अमेरिका, ब्रिटेन या आयरलैंड के आम नागरिकों के रूप में पेश करते हैं।

इन अकाउंट्स की गतिविधि में अचानक बदलाव देखा गया—जहां पहले वे स्थानीय मुद्दों पर पोस्ट करते थे, वहीं बाद में उन्होंने Ali Khamenei के समर्थन और अमेरिका विरोधी सामग्री पोस्ट करना शुरू कर दिया।


विवादित मुद्दों का सहारा

इन अभियानों में ध्यान आकर्षित करने के लिए विवादित विषयों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर Jeffrey Epstein से जुड़े मामलों को जोड़कर अमेरिका की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

इस तरह की रणनीति लोगों के बीच भ्रम और अविश्वास पैदा करने के लिए अपनाई जाती है।


रूस और चीन की भूमिका

The New York Times की रिपोर्ट और Graphika के विश्लेषण के अनुसार, ईरान का प्रचार अभियान एक संगठित तरीके से चलता है:

  1. पहले ईरानी सरकारी मीडिया एक पक्षीय जानकारी जारी करता है

  2. फिर समर्थक अकाउंट्स AI वीडियो और पोस्ट बनाते हैं

  3. इसके बाद रूस और चीन से जुड़े नेटवर्क इसे बड़े स्तर पर फैलाते हैं

एक वायरल वीडियो, जिसमें अमेरिकी प्रतीकों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया, लाखों बार देखा गया और व्यापक रूप से शेयर किया गया।


डिजिटल प्रचार युद्ध के बढ़ते खतरे

AI के बढ़ते उपयोग ने सूचना युद्ध को और जटिल बना दिया है। अब यह पहचानना मुश्किल होता जा रहा है कि कौन सी जानकारी असली है और कौन सी बनाई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में युद्ध केवल मैदान में नहीं, बल्कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भी लड़ा जाएगा।


निष्कर्ष

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह डिजिटल टकराव दिखाता है कि आधुनिक दौर में साइबर और सूचना युद्ध कितने महत्वपूर्ण हो गए हैं। AI तकनीक के साथ, प्रचार की ताकत और भी बढ़ गई है, जो वैश्विक राजनीति और जनमत को गहराई से प्रभावित कर सकती है।