अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कोई भी सिरप दवा, केंद्र सरकार ने बदले नियम
केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत अब खांसी की दवा समेत किसी भी प्रकार का औषधीय सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा। हालांकि खांसी की गोलियां, टैबलेट और लॉजेंज पहले की तरह बिना पर्ची के उपलब्ध रहेंगे।

दवाओं की सुरक्षित बिक्री और उनके दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि अब सभी प्रकार के औषधीय सिरप केवल डॉक्टर की पर्ची के आधार पर ही खरीदे जा सकेंगे। इसके साथ ही इन दवाओं की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लग जाएगी।
यह बदलाव ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन के जरिए लागू किया गया है, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत दवाओं की बिक्री और नियमन से संबंधित नियम तय करता है।
क्या बदला है नए नियम में?
पहले नियमों में कुछ दवाओं को विशेष छूट प्राप्त थी। इनमें खांसी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिरप, लॉजेंज, गोलियां और टैबलेट शामिल थे। इन उत्पादों को बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से खरीदा जा सकता था।
नई अधिसूचना में "सिरप" शब्द को इस छूट वाली सूची से हटा दिया गया है। इसका मतलब है कि अब किसी भी प्रकार का औषधीय सिरप, चाहे वह खांसी, गले या अन्य बीमारी के इलाज के लिए हो, डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं बेचा जा सकेगा।
कौन-सी दवाएं अभी भी बिना पर्ची मिलेंगी?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि खांसी के लिए इस्तेमाल होने वाली लॉजेंज, गोलियां और टैबलेट पहले की तरह ओवर-द-काउंटर उपलब्ध रहेंगी। नए नियम का प्रभाव केवल सिरप श्रेणी की दवाओं पर पड़ेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह संशोधन अचानक नहीं किया गया है। सरकार ने दिसंबर 2025 में इस संबंध में एक मसौदा अधिसूचना जारी की थी और आम जनता, दवा उद्योग तथा अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, प्राप्त सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद अंतिम नियमों को मंजूरी दी गई। माना जा रहा है कि दवाओं के अनियंत्रित उपयोग और सिरप के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
दवा उद्योग और उपभोक्ताओं पर असर
नए नियम लागू होने के बाद मरीजों को सिरप आधारित दवा खरीदने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी होगी। इससे दवाओं के अनावश्यक उपयोग में कमी आ सकती है, लेकिन सामान्य सर्दी-खांसी जैसी स्थितियों में लोगों को अतिरिक्त चिकित्सकीय परामर्श की जरूरत पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दवा सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और मरीजों के स्वास्थ्य हितों की बेहतर रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
Tags
Latest Posts

आप कौन हैं?' टिप्पणी पर केजरीवाल पर BJP का पलटवार, कहा- हार के बाद भी नहीं गया अहंकार
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन नवीन पर अरविंद केजरीवाल की कथित 'आप कौन हैं?' टिप्पणी को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी प्रमुख पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि चुनावी हार के बावजूद केजरीवाल का अहंकार कम नहीं हुआ है।

बिहार पुलिस और लुटेरों के बीच मुठभेड़, एनकाउंटर में एक बदमाश घायल, लूटकांड के 5 आरोपी गिरफ्तार
बिहार में पुलिस और लूटकांड के आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लूट की वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

बिहार-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट: 729 किमी सीमा की निगरानी के लिए 1300 पुलिसकर्मी और 138 स्पेशल दरोगा तैनात
बिहार-नेपाल सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 729 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 1300 पुलिसकर्मियों और 138 स्पेशल दरोगाओं की तैनाती की जाएगी, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

जापान की PM सानाए ताकाइची का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर; PM मोदी से हुई अहम मुलाकात
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के भारत दौरे का दूसरा दिन अहम रहा। राष्ट्रपति भवन में उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव संभव? 6 जुलाई को होगी अहम वोटिंग, चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य पर फैसला
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। 6 जुलाई को होने वाली अहम बैठक में ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों के भविष्य पर फैसला हो सकता है। इस बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।

पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा ढहाया गया, भारत ने जताया कड़ा विरोध, कहा- यह सिख विरासत पर सुनियोजित हमला
पाकिस्तान में 125 वर्ष पुराने एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इसे सिख समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर लक्षित हमला बताते हुए पाकिस्तान से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
