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अमेरिका, इज़राइल और ईरान युद्ध के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़, तेल की कीमतें 110 डॉलर के पार

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ एक संकरा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के केंद्र में आ गया है। ईरान द्वारा इज़राइली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई और उसके बाद इज़राइल द्वारा ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले के बाद यह रणनीतिक जलमार्ग एक अहम युद्ध क्षेत्र बन गया है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह समुद्री चोकपॉइंट रोज़ाना लगभग 13 मिलियन बैरल तेल के परिवहन का रास्ता है। इसकी सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है।

मौजूदा संघर्ष ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ से गुजरने वाले जहाज़ों की आवाजाही को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिसके कारण तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देश, जो इस मार्ग से होने वाली तेल आपूर्ति पर काफी निर्भर हैं, अब सप्लाई अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में अमेरिका की मौजूदगी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, क्योंकि वैश्विक ताकतें संघर्ष के बीच इस जलमार्ग को खुला रखने की कोशिश कर रही हैं।

जैसे-जैसे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं, उसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा है। जब तक इस क्षेत्र पर युद्ध के बादल मंडराते रहेंगे, तब तक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी और पूरी दुनिया तनाव कम होने के किसी भी संकेत का इंतजार करती रहेगी।

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