Newzjagat

पृथ्वी तो हर पल घूम रही है, फिर हल्का-सा हिलते ही क्यों आता है भूकंप? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

पृथ्वी हर समय अपनी धुरी पर घूमती रहती है और सूर्य की परिक्रमा भी करती है, लेकिन इससे भूकंप नहीं आते। आखिर ऐसा क्यों? आइए जानते हैं कि पृथ्वी का घूमना और भूकंप आने के बीच क्या संबंध है और वैज्ञानिक इसके बारे में क्या कहते हैं।

Featured image

जब भी भूकंप आता है, लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि पृथ्वी तो हर समय लगातार घूम रही है, फिर अचानक हल्का-सा झटका लगते ही इतनी तेज कंपन क्यों महसूस होती है? क्या पृथ्वी का घूमना ही भूकंप की वजह है, या इसके पीछे कोई दूसरा वैज्ञानिक कारण छिपा है? दरअसल, इन दोनों घटनाओं का आपस में सीधा संबंध नहीं है।

पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 1,670 किलोमीटर प्रति घंटे (भूमध्य रेखा पर) की रफ्तार से घूमती है। इसके अलावा यह सूर्य की परिक्रमा भी करीब 1.07 लाख किलोमीटर प्रति घंटे की गति से करती है। इतनी तेज गति के बावजूद हमें इसका एहसास नहीं होता, क्योंकि पृथ्वी, उसका वायुमंडल और उस पर मौजूद हर चीज एक साथ समान गति से चल रही होती है। इसलिए हमें कोई झटका महसूस नहीं होता।

आखिर भूकंप क्यों आता है?

भूकंप का मुख्य कारण पृथ्वी का घूमना नहीं, बल्कि उसकी सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) की गतिविधियां हैं। पृथ्वी की बाहरी परत कई विशाल प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। कई बार दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं या एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं।

जब इन प्लेटों के बीच अत्यधिक दबाव जमा हो जाता है और वह अचानक टूटकर बाहर निकलता है, तब भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के रूप में फैलती है, जिससे धरती हिलने लगती है। इसी घटना को भूकंप कहा जाता है।

पृथ्वी का घूमना और भूकंप में क्या अंतर है?

पृथ्वी का घूमना एक निरंतर और स्थिर प्रक्रिया है। इसकी गति अचानक नहीं बदलती। इसलिए इससे किसी प्रकार का झटका महसूस नहीं होता।

इसके विपरीत, भूकंप में जमीन कुछ सेकंड के भीतर अचानक हिलती है। यह अचानक होने वाला कंपन ही लोगों को तेज झटकों के रूप में महसूस होता है। यानी भूकंप का कारण पृथ्वी की गति नहीं, बल्कि उसकी सतह के नीचे ऊर्जा का अचानक निकलना है।

क्या पृथ्वी का घूमना कभी रुक सकता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी का अचानक रुक जाना लगभग असंभव है। यदि ऐसा कभी हुआ, तो इसका प्रभाव पूरी मानव सभ्यता के लिए विनाशकारी होगा। महासागरों में विशाल सुनामी, तेज हवाएं और बड़े पैमाने पर तबाही जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। हालांकि ऐसा होने की कोई वैज्ञानिक संभावना फिलहाल नहीं मानी जाती।

किन क्षेत्रों में अधिक आते हैं भूकंप?

दुनिया के अधिकांश बड़े भूकंप उन क्षेत्रों में आते हैं जहां टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाएं मौजूद हैं। इनमें सबसे प्रमुख 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) क्षेत्र है, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ है। भारत में हिमालयी क्षेत्र भी भूकंप की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटें लगातार टकरा रही हैं।

क्या भूकंप की भविष्यवाणी संभव है?

आज भी विज्ञान भूकंप आने का सटीक समय, स्थान और तीव्रता पहले से बताने में पूरी तरह सक्षम नहीं है। हालांकि वैज्ञानिक आधुनिक उपकरणों की मदद से भूकंप संभावित क्षेत्रों की पहचान, प्लेटों की गतिविधियों की निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) पर लगातार काम कर रहे हैं।

निष्कर्ष

पृथ्वी का लगातार घूमना एक सामान्य और स्थिर प्राकृतिक प्रक्रिया है, जबकि भूकंप पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों के अचानक खिसकने से उत्पन्न ऊर्जा का परिणाम होता है। इसलिए दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। वैज्ञानिकों का मानना है कि भूकंप प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इनके प्रभाव को कम करने के लिए मजबूत भवन निर्माण, जागरूकता और आपदा प्रबंधन सबसे प्रभावी उपाय हैं।

Latest Posts

Featured image

आप कौन हैं?' टिप्पणी पर केजरीवाल पर BJP का पलटवार, कहा- हार के बाद भी नहीं गया अहंकार

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन नवीन पर अरविंद केजरीवाल की कथित 'आप कौन हैं?' टिप्पणी को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी प्रमुख पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि चुनावी हार के बावजूद केजरीवाल का अहंकार कम नहीं हुआ है।

Featured image

बिहार पुलिस और लुटेरों के बीच मुठभेड़, एनकाउंटर में एक बदमाश घायल, लूटकांड के 5 आरोपी गिरफ्तार

बिहार में पुलिस और लूटकांड के आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लूट की वारदात में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Featured image

बिहार-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट: 729 किमी सीमा की निगरानी के लिए 1300 पुलिसकर्मी और 138 स्पेशल दरोगा तैनात

बिहार-नेपाल सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 729 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 1300 पुलिसकर्मियों और 138 स्पेशल दरोगाओं की तैनाती की जाएगी, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

Featured image

जापान की PM सानाए ताकाइची का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति भवन में मिला गार्ड ऑफ ऑनर; PM मोदी से हुई अहम मुलाकात

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के भारत दौरे का दूसरा दिन अहम रहा। राष्ट्रपति भवन में उन्हें औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और ऊर्जा सहयोग पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

Featured image

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव संभव? 6 जुलाई को होगी अहम वोटिंग, चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य पर फैसला

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है। 6 जुलाई को होने वाली अहम बैठक में ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों के भविष्य पर फैसला हो सकता है। इस बैठक पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।

Featured image

पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा ढहाया गया, भारत ने जताया कड़ा विरोध, कहा- यह सिख विरासत पर सुनियोजित हमला

पाकिस्तान में 125 वर्ष पुराने एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इसे सिख समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर लक्षित हमला बताते हुए पाकिस्तान से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।