नेपाल में भीषण हादसे के बाद ब्रिटिश नागरिक की जान बची, कई लोगों की मौत से मचा हड़कंप
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और मलबे की घटनाओं के करीब एक सप्ताह बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज हो गया है। सेना के मुताबिक हवाई अभियान के जरिए 119 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल में पिछले सप्ताह आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाली सेना के अनुसार अब तक 119 लोगों को हवाई संसाधनों की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। यह अभियान ऐसे समय में चल रहा है जब नेपाल और पड़ोसी तिब्बत में हुई आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं।
सेना की ओर से पहले जारी जानकारी में 119 बचाए गए लोगों में 118 नेपाली नागरिकों के साथ एक ब्रिटिश नागरिक के शामिल होने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में ब्रिटिश नागरिक अलास्टेयर चेम्बर्स ने इस दावे को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें बचाया नहीं गया था। उनका कहना है कि वह राहत कार्यों में मदद करने के लिए प्रभावित इलाके में पहुंचे थे। इस मामले में ब्रिटेन के विदेश कार्यालय से भी प्रतिक्रिया मांगी गई है।
हजारों लोगों का अब तक पता नहीं
आपदा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेपाल और तिब्बत में इस घटना के बाद मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक बताई गई है, जबकि करीब 3,900 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल के त्रिशूली नदी क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े सुरंग नेटवर्क में काम करने वाले 600 से अधिक कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इससे पहले बताया था कि इन जलविद्युत परियोजना स्थलों से 279 लोगों को बचाया जा चुका है। सुरंगों में जमा भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कई देशों की टीमें रेस्क्यू अभियान में शामिल
बचाव अभियान अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ आगे बढ़ रहा है। चीन और नेपाल के सैन्यकर्मी संयुक्त रूप से अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके अलावा भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ भी राहत कार्यों में सहायता कर रहे हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार मंगलवार तक कुल 330 विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका था। विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
ब्रिटिश नागरिकों की मदद के लिए टीम पहुंची
ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों की सहायता के लिए एक विशेष टीम नेपाल भेजी है। शनिवार को पहुंची यह टीम ब्रिटिश दूतावास और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्र से ब्रिटिश नागरिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित निकालने तथा उनकी आवाजाही में सहायता करेगी।
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के एक मंत्री लॉर्ड वुड ऑफ एनफील्ड ने मंगलवार को बताया कि 36 ब्रिटिश नागरिकों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इससे पहले यह संख्या 33 बताई गई थी।
ब्रिटेन की ओर से नेपाल सरकार को बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास प्रयासों के लिए 5 मिलियन पाउंड की सहायता की पेशकश भी की गई है। ब्रिटिश अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में मौजूद नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और यात्रा संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
भूकंप नहीं, भूस्खलन से जुड़ी थी घटना
आपदा के शुरुआती आकलन में इसे भूकंप से जोड़कर देखा गया था। हालांकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आगे के विश्लेषण में संकेत मिला कि दर्ज की गई भूकंपीय ऊर्जा किसी सामान्य भूकंप की वजह से नहीं, बल्कि बड़े भूस्खलन और ग्लेशियर के ढहने से उत्पन्न हुई थी।
USGS के मुताबिक बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 8:37 बजे सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने और मलबे के बहाव से जुड़ी एक भूकंपीय घटना दर्ज की गई। इस घटना ने क्षेत्र में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबे के बहाव को जन्म दिया, जिससे निचले इलाकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।
राहत अभियान के सामने बड़ी चुनौती
नेपाल में अब चुनौती सिर्फ लोगों को बचाने तक सीमित नहीं है। हजारों लोगों के लापता होने, सुरंगों में मलबा भरने और कई इलाकों के क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव दलों को बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।
हवाई बचाव अभियान से अब तक 119 लोगों को निकालना राहत की महत्वपूर्ण खबर है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने से अभियान की गंभीरता बनी हुई है। आने वाले दिनों में सुरंगों और दुर्गम इलाकों में तलाशी अभियान यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि और कितने लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है।
Latest Posts

Teen Arrested After Faulty Rifle Foils Hindu Temple Shooting Plot
A 19‑year‑old Taco Bell employee in Illinois was detained after a jammed rifle prevented a planned mass shooting at a Hindu temple. Police recovered weapons, extremist material, and a manifesto outlining white‑supremacist motives.

Supreme Court Notices Challenge to Election Commission’s SIR
The Supreme Court has issued a notice on a petition filed by Rahul Gandhi and other opposition figures contesting the Election Commission’s Special Intensive Revision of voter lists. The court’s order seeks explanations from the petitioners and may pause the SIR process pending further review.

Rahul Gandhi Defends CJP Protesters After Jantar Mantar Arrests
Rahul Gandhi publicly condemned the arrest of Cockroach Janta Party leaders at Jantar Mantar, calling the detention of peaceful flag‑waving protesters a cowardly act. His statement signals a new alignment of opposition forces against the Centre’s decision to de‑notify the historic protest site.

Delhi Court Sends CJP Activists Das and Ranka to Five‑Day Custody
The Special Executive Magistrate court ordered a five‑day judicial custody for CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka after they entered the barred Jantar Mantar area. The ruling follows a wave of protests over alleged irregularities in the election roll revision process.

Houthis Renew Missile Barrage on Riyadh, Saudi Air Defences Tested Again
For the third consecutive day the Yemeni Houthi movement launched ballistic missiles toward Saudi Arabia’s capital, prompting interceptions and a renewed shutdown of Riyadh’s main airport. The attacks have strained Saudi air defences, disrupted international flights and raised regional security concerns.

Houthis Strike Riyadh Airport Again, Raising Fears of Regional Conflict
The Houthi movement launched a fresh missile assault on King Khalid International Airport, killing dozens and wounding hundreds. Saudi Arabia vows a strong response as regional tensions rise.
